स्वस्थ बालों और आँखों के लिए अपनाएँ शीर्षासन!

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हेल्थ केयर: योग करने के कई फायदे है। इसके अंतर्गत कई आसन आते है कुछ आसनो को करने से तनाव दूर होता है, तो कुछ आसान पाचन सम्बन्धी फायदे पहुँचाते है| हर आसन को करने का अपना अलग महत्व है। योग के कई आसनो में से एक शीर्षासन भी है। इस आसन को सिर के बल किया जाता है इसलिए ही इसे शीर्षासन कहा जाता है। इसमें पुरे शरीर का संतुलन सर या हाथों पर टिका होता है। यह एक ऐसा आसन है जिसे करना काफी मुश्किल है। लेकिन इसके अभ्यास से हम सदैव बड़ी-बड़ी बीमारियों से दूर रहते हैं। इसे करने से पाचनतंत्र सुचारू रहता है| इसे करने से रक्त का प्रभाव बेहतर बनता है। शीर्षासन के नियमित अभ्यास से शरीर को बल प्राप्त होता है। योग में शीर्षासन के कई लाभ बताये गए हैं।
शीर्षासन को “इन्वर्जन थैरेपी” के नाम से जाना जाता है इसमें फ्लेक्सिबल बिस्तरनुमा टेबल पर इस आसन का अभ्यास किया जाता है। इसमें पैरों को ग्रिप में बांधकर शरीर को उल्टा लटकाया जाता है। जिसके चलते पूरे शरीर का बोझ, सिर या हाथों को नहीं उठाना पड़ता है और चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
आज हम आपको बताते हैं कि बाबा रामदेव बता रहे हैं शीर्षासन के फायदों के बारे में अगर आपको आजीवन अपने बाल हेल्दी रखने हैं, चेहरे पर लालिमा चाहिए और आंखों की समस्या को दूर करना है तो करें शीर्षासन…

कैसे करे शुरुवात:
वैसे तो आप किसी भी आसन को एक बार में नहीं कर सकते जब तक आप उसके आदि न हो या फिर आप उसे करते ना हो। बाबा रामदेव का कहना है कि इस आसन को शुरू करने के लिए दीवार का सहारा लें यानि दीवार के सहारे शीर्षासन करना शुरू करें।

क्या है इस योग का फायदा:
-वैसे तो हर योग का कोई न कोई फायदा होता है लेकिन अगर आप शीर्षासन करते हैं तो 100 साल तक आपके बाल अच्छे रह सकते है।
-यह आसन किस तरह आपके बालों को अच्छा रखेगा ये तो आमने आपको बता दिया लेकिन अब बात करते हैं आँखों कि, शीर्षासन को करने से आंखों पर चश्मा नहीं चढ़ेगा और आपकी ऑंखें हमेशा ही चमकदार रहेंगी।
-बाल और आँख के बाद ये आसन आपके चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद है क्यूंकि इस आसन को करने से आपका चेहरा टमाटर की तरह लाल रहेगा।
-सेक्सुअल डिस्‍ऑर्डर दूर करने के लिए शीर्षासन बेस्ट है। जिन लोगों को शादी के बाद बच्चे ना होने की समस्या होती है उन्हें भी ये आसन करना चाहिए।
इस आसन को करने के बाद ऐसी ही योग को खत्म ना करदे इसके बाद श्वासन अवश्य करें।

हमेशा फिट रहने के लिए करें ये आसन-
सर्वांगासन- सर्वांगासन को एक से दो मिनट आसानी से किया जा सकता है। सर्वांगासन से होते हुए पैर पीछे लेकर जाएंगे तो हलासन किया जा सकता है।


हलासन के बाद आसानी से किया जा सकता है चक्रासन।

 
इसके बाद करें पश्चिमोतानासन।


इन सभी आसनों को करने के बाद अगर आपके अंदर हिम्मत बचती है तो आप सूर्यनमस्कार से इसका अंत करें।

 

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