भीषण बाढ़: नेपाल, बिहार और यूपी में लोगों के सर पर मंडरा रहा तबाही का डर, 170 लोगों की मौत

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भीषण बाढ़: नेपाल, बिहार और यूपी में लोगों के सर पर मंडरा रहा तबाही का डर, 170 लोगों की मौत
भीषण बाढ़: नेपाल, बिहार और यूपी में लोगों के सर पर मंडरा रहा तबाही का डर, 170 लोगों की मौत

देश: नेपाल में आई बाढ़ का असर ही भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नजर आ रहा है, यहां पर बाढ़ की वजह से लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। अब तक नेपाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ से 170 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में पहले भूस्खलन और फिर बाढ़ की वजह से करीब 91 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं बिहार में 74 और उत्तर प्रदेश में 5 लोगों की काल के गाल में समा गए।
नेपाल में संकट में फंसे सभी 35 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहां पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है और इसकी वजह से कई नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। इसके साथ ही कई स्थान जलमग्न हो गए।

बचाए गए कई भारतीय पर्यटक:
नेपाल में दक्षिणी इलाकों के बड़े भाग में बहने वाली नदी राप्ती का पानी चितवन घाटी में कई बस्तियों और लोकप्रिय होटलों में घुस गया। भारतीय दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि चितवन राष्ट्रीय उद्यान के सौराहा में फंसे सभी 35 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। उन्हें हाथियों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्थानीय अधिकारियों के हवाले से इससे पहले आई खबरों में कहा गया था कि 700 फंसे लोगों में 200 भारतीय पर्यटक हैं लेकिन भारतीय दूतावास अधिकारी ने कहा कि इनमें केवल 35 भारतीय नागरिक थे। बिहार में आई भयानक बाढ़ से अब तक 74 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि आपदा प्रबंदक विभाग ने 41 लोगों की पुष्टि कर रहा है। इस बाढ़ से 70 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए है। मंगलवार को दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर बाढ़ का पानी चढ़ गया जिसके कारण ट्रेन परिचालन बंद कर दिया गया। ट्रेन सेवा दरभंगा की ओर से भी बंद हो जाने के कारण अब सीतामढ़ी जिला का संपर्क ही रेल के माध्यम कट गया है। इसकी वजह से तामढ़ी-मुज्जफरपुर के बीच भी ट्रेन परिचालन भी रुक गया है। वहीं, सीतामढ़ी शहर के भी कई वार्डों में लखनदेई नदी का पानी पसर गया है। इससे कई घरों में पानी घुस गया है। लोग रेलवे ट्रैक पर शरण लिए हुए है।

बाराबंकी में बांध टूटने और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण गोंडा लखनऊ रोड पर घाघरा पुल से नीचे उफनाती घाघरा का वीडियो। पानी की स्पीड चालीस किलोमीटर से अधिक तेज बताई गई है। इसके कारण बाढ़ का संकट बढ़ रहा है। नेपाल से छोड़े गए पानी से घाघरा नदी अपने रौद्र रूप में आ गई है। मंगलवार को भोर मे एल्गिन चरसड़ी बांध कट गया। इससे बाराबंकी व गोण्डा जिले के आधा दर्जन से अधिक गांव डूब गए। भीषण तबाही की संभावना को देख प्रशासन ने एनडीआरएफ से मदद मांगी है।

ज्यादातर नदियों के जलस्तर में कोई खास बदलाव नहीं आया है। कुशीनगर के खड्डा के रेता में आधा दर्जन गांवों में पानी भरा है। इसकी वजह से लोगों ने अन्यत्र शरण ले रखी है। महाराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर में हालात काफी बिगड़े हुए हैं। सोमवार को महराजगंज में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। एक परिवार के पांच लोगों के घायल होने की भी सूचना है। वहीं सिद्धार्थनगर में मकान गिरने से एक वृद्धा की मौत हो गई।

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