यूपी: मायावती ने भाई के बाद भतीजे को किया पार्टी मे शामिल

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पूरे तन, मन, धन से काम करने के साथ ही ‘‘बीएसपी का सपना, सरकार हो अपनी‘‘ पूरा होगा: मायावती
पूरे तन, मन, धन से काम करने के साथ ही ‘‘बीएसपी का सपना, सरकार हो अपनी‘‘ पूरा होगा: मायावती

उत्तर प्रदेश: महज पांच दिन के अंदर भाई आनन्द कुमार के साथ भतीजे आकाश के भी बहुजन समाज पार्टी में प्रवेश ने साफ कर दिया है कि परिवारवाद को लेकर दूसरे दलों पर हमला बोलने वाली पार्टी अब खुद उसी रास्ते पर चल पड़ी है। पार्टी की रीति-नीति से कार्यशैली तक सब बदल गया है।
मायावती ने 14 अप्रैल को अंबेडकर जयन्ती के मौके पर भाई आनन्द कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के वक्त उन्होंने यह भी बताया था कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद पार्टी में बड़ा पावरफुल होता है। आनन्द किसी को भी पार्टी से निकाल सकेंगे और रख सकेंगे। खुद मायावती को भी पार्टी संस्थापक कांशीराम ने पहले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ही बनाया था। आनन्द कुमार से पहले आजमगढ़ के रहने वाले राजाराम इस पद पर थे। जिन्हें कुछ समय पहले मायावती ने इस पद से हटा दिया। कभी राजाराम की गिनती पार्टी नेतृत्व के करीबी लोगों में होती थी।
वर्ष 2007 में बहुमत की सरकार बनाने के बाद हुई रैली में मायावती ने ऐलान किया था कि उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी सजातीय, उम्र में उनसे करीब 15 साल छोटा होगा लेकिन उनके परिवार का नहीं होगा। उस समय राजाराम को लेकर अफवाह भी उड़ी कि कहीं राजाराम ही तो उनके उत्तराधिकारी नहीं।लंबे वक्त से मध्य प्रदेश में लगे राजाराम को वहां से भी हटाया जा चुका है।

बहरहाल, अंबेडकर जयन्ती के 5 दिन के बाद मायावती ने पार्टी की बैठक में प्रदेश भर से आए नेताओं के सामने जब भाई आनन्द कुमार को मंच पर बुलाया तो उनके साथ एक और युवक भी था। उसका परिचय देते हुए मायावती ने बताया कि यह उनका भतीजा आकाश है जो लन्दन से एमबीए करके लौटा है। यह भी बताया कि आकाश पार्टी का काम देखेगा।
यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि भले ही बसपा में पहले कांशीराम और अभी तक मायावती के परिवारीजन न रहे हों लेकिन पार्टी में परिवारवाद से इनकार नहीं किया जा सकता था। राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र के भाई अनन्त कुमार मिश्र, दामाद परेश मिश्र, समधी गोपाल नारायण मिश्र पार्टी में हैं तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी हुस्ना सिद्दीकी एमएलसी रही हैं तो बेटा अफजल लोकसभा चुनाव लड़ चुका है।
प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर का बेटा विधानसभा चुनाव लड़ चुका है। पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी का भतीजा सांसद रहा है तो रामवीर उपाध्याय की पत्नी सांसद, भाई विधायक रहे हैं।

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