शिक्षा का मंदिर बन रहा अब कमाई का ज़रिया

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लखनऊ: एक तरफ योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र मे तत्कालीन सुधार के निर्देश दिए हैं दूसरी तरफ निजी स्कूलों की मनमानी ज़ारी है। निज़ी स्कूलों की मनमानी सबसे बड़ा मुद्दा है। शहर के लग भग सभी स्कूलों के नए सत्र से फीस मे बढ़ोत्तरी कर दी है। ऐसे मे इन दिनों अभिवावकों पर इन दिनों फीस का डबल बोझ है। हर क्लास का स्ट्रुक्टर अलग फीस बढ़ जाती है। इसके अलावा स्कूलों ने फीस मे अतिरिक्त बढ़ोत्तरी भी कर दी है। इस तरह अभिवावको को दोगुनी मार झेलनी पद रही है, जबकि मानकों के मुताबिक, हर साल स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकते। स्कूल तीन साल मे दस प्रतिशत फीस ही बढ़ा सकते हैं। कोई रेगुलेटरी बॉडी ना होने के कारण स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहा है।
अपनी मर्ज़ी से फीस मे बढ़ोत्तरी करने वालो मे से एक है बाल विद्या मंदिर स्कूल शाख़ा चारबाग़ लखनऊ भी है। यहाँ विद्यार्थियों से अनुचित र्रोप से मांगे की जाती है एवं अपनी मनमानी से अवैध और अनैतिक रूप से वसूली भी ली जाती है। यहाँ विद्यार्थियों से अपने हिसाब से वसूली की जाती है अगर बच्चे इच्छुक न हो किसी चीज़ के लिए तो उनको समझाकर उनसे निम्न- निम्न रूप मे पैसे लिए जाते हैं।

फीस में बढ़ोत्तरी –
2017 मे उन्होंने अपनी स्कूल फीस अपने मन मुताबिक बढ़ा दी है, जो की अभिवावको को एक बोझ सामान लग रही हैं। 2013 मे जो फीस 10 हज़ार के अंदर थी वही फीस 2017 मे 20 से 22 हज़्ज़ार के पास पहुँच गयी है। हर क्लास की फीस मे अपने मन मुताबिक बढ़ा दी है, जो जो की एक माध्यम वर्ग के आदमी को परेशान करती है। विद्यार्थियों के परिवार परिजनों से तह फीस से अधिक फीस ली जा रही है।

 

स्कूल पर विद्यार्थियों द्वारा अन्य आरोप-

-विद्यार्थियों का ऐसा कहना है की स्कूल प्रशाशन मे पढ़ाए जाने वाले विषय एवं समस्त किताबें मुख्या दुकानों पर ही उपलब्ध होती है जिनसे स्कूल वालों का कमीशन बंधा होता है, कुल मिला कर अभिवावको और विद्यार्थियों ने कमीशन खाने का आरोप लगाया है।
-स्कूल मे पढ़ने वालों विद्यार्थियों को जबरदस्ती टाइम्स ऑफ़ इंडिया(TOI) पेपर की मेम्बरशिप लेने को कहा जाता है। एक तरीके से उनपर यह चीज़ थोपी जाती है।
-स्कूल प्रशाशन की ओर से 12वीं के छात्रों से फेयरवेल पार्टी के रूप मे अतिरिक्त बोझ दाल कर पैसा लिया जा रहा। अगर कोई विद्यार्थी फेयरवेल पार्टी मे आने का इच्छुक नहीं है तबभी उससे पैसे लिए जाते हैं। पैसे लेने विद्यार्थियों और परिवारजनों को समरोह मे बुलाया भी नहीं जाता।
-साइकिल एवं मोटरसाइकिल स्टैंड के रूप मे अवैध तरीके से पैसा लिया जाता है। स्कुल से जुड़ा हुआ स्टैंड होने के बावज़ूद विद्यार्थियों से पैसा वसूला जाता है।
विद्यार्थियों पर इतना भोज डालने के कारण कई विद्यार्थियों ने इसके तहत अपनी जान भी गवाई है।

 

पेरेंट्स और स्टूडेंट्स ने किया विरोध-
फीस को इस लेवल पर बढ़ने के बाद अभिवाववकों और स्टूडेंट्स ने जैम कर विरोध किया। फीस बढ़ने को लेकर जो एकता देखने को मिली वह यह दर्शाती है की सही मायने मे लोग फीस की वृद्धि होने पर परेशान हैं। इस विरोध मे सभी अभिवावको ने इस समम्स्या को लेकर प्रधानाचार्य पर उचित कार्यवाही एवं निष्काषित करने की बात कही। उन्होंने यह विरोध अभिवावको के ऊपर अतिरिक्त बोझ पड़ने के लिए की ताकि वो अपने बच्चों की पढाई सुचारु रूप से करवा सकें।

 

फीस वृद्धि पर योगी के निर्देश-

-राज्य स्तर पर एक जैसा पाठ्यक्रम हो।
-सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के सत्रों को नियमित किया जाए।
-फीस वसूली की मनमानी रोकने के लिए नियमावली बनाए जाए।
-सरकार इसके लिए बाकायदा कानून बनाने वाली है। जून मे प्रस्तावित बजट सत्र मई इस सम्बन्ध मे बिल पेश किया जाएगा।
-विद्यालयों मे 200 दिन के अंदर कोर्स पूरा कराया जाए।
-दागी केन्द्रो को चिन्हित कर ब्लैक लिस्ट के साथ एफआईआर दर्ज़ कराइ जाए।

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